Yogi Government Focuses

श्रमिकों के सम्मान और रोजगार पर योगी सरकार का बड़ा फोकस

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Yogi Adityanath ने कहा है कि श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें सम्मानजनक जीवन, सुरक्षित कार्य वातावरण तथा बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने “बाल श्रमिक विद्या योजना” को नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने के निर्देश दिए। वर्तमान में यह योजना 20 जिलों में संचालित हो रही है। योजना के तहत 8 से 18 वर्ष तक के कामकाजी बच्चों को स्कूलों से जोड़कर आर्थिक सहायता दी जाती है।

योगी आदित्यनाथ ने “सेवामित्र व्यवस्था” को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी विभागों में इसके इस्तेमाल से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। पोर्टल पर फिलहाल 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं।

उन्होंने सभी औद्योगिक शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने के निर्देश भी दिए। इन केंद्रों को केवल श्रमिक जुटान स्थल नहीं बल्कि पूर्ण श्रमिक सहायता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। दूसरे राज्यों और क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कानपुर में 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास बनाया जाएगा, जहां बढ़ई, बिजली मिस्त्री और प्लंबर जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में आयोजित 3,030 रोजगार मेलों के माध्यम से 3.74 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। वहीं “उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन” के तहत 27,555 युवाओं का चयन हुआ, जिनमें से 2,300 युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए चुना गया है। जर्मनी और जापान में रोजगार के अवसरों को देखते हुए भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने रोजगार संगम पोर्टल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोजगार मिलान और ऑनलाइन परामर्श प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं।